होम्योपैथी को समझना चाहते हैं तो ये 5 किताबें जरूर पढ़ें

एक म्यूजिक टीचर थे. बांसुरी बजाते थे. अचानक परिवार में ऐसे हालात बने कि प्रॉपर्टी विवाद में फंस गये. परिवार के ही लोगों ने कई सारे मुकदमे थोप दिये. वकीलों को फीस देनी भारी पड़ रही थी.
फिर उन्होंने कानून की डिग्री हासिल करने का फैसला किया. कोर्ट में रजिस्ट्रेशन कराया. खुद मुकदमों की पैरवी की – और कुछ मुकदमों से बरी हुए और कइयों में जीत हासिल की. बाद में स्कूल लौट गये.
‘आपका ज्ञान ही आपको आपका हक दिलाता है.’ कौन बनेगा करोड़पति के प्रोमो में अमिताभ बच्चन अक्सर ऐसी बातें करते थे. फिल्म थ्री-इडियट्स में भी आमिर खान को एक क्लास से निकाल देने पर दूसरे क्लास में आते जाते देखने को मिलता है, वहां भी संदेश साफ है – ज्ञान जहां मिले ले लेना चाहिए.
किसी को भी शायद ही इस बात में शक हो कि कोई हुनर, किसी चीज का ज्ञान कभी न कभी जीवन में काम न आता हो. शर्त बस ये है कि वो नॉलेज अधकचरा नहीं होना चाहिए.
उस म्यूजिक टीचर जैसी मिसाल कम ही देखने को मिलती है. ऐसे वाकये प्रेरित करते हैं. बस एक बात का ख्याल रखना होता है – हर काम एक ही तरीके से नहीं किया जा सकता, या हर काम में एक ही नुस्खा काम नहीं आता. हर मामले में फायदा ही हो जरूरी नहीं, समझदारी से काम न लिया जाये तो नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. इलाज के बारे में भी ऐसी ही राय बनती है.
बाजार में ‘घर का वैद्य’ से लेकर ‘अपना इलाज खुद’ करें जैसी बहुत सी किताबें उपलब्ध हैं. अगर इनकी मानें फिर तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत ही नहीं है. घर बैठे अपना इलाज किया जा सकता है.
होम्योपैथी पर भी ऐसी किताबों की भरमार है. कई किताबें तो ऐसी हैं जिन्हें पढ़ना भी मुश्किल होता है. ऐसा लगता है जैसे किसी और फील्ड शख्स से पब्लिशर ने होम्योपैथी की किताब लिखवा डाली हो. वैसे कुछ डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव के आधार पर किताबें लिखी हैं जो अच्छी हैं. शुरुआती दौर में ऐसी किताबों का चयन थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
अगर आप होम्योपैथी का अध्ययन करना चाहते हैं तो हैनिमन कैफे की सलाह है कि वे किताबें पढ़ें जिनमें प्रामाणिक जानकारी हो. होम्योपैथी के आविष्कारक डॉ. सैमुअल हैनिमन के अलावा भी कई एक्सपर्ट ने ऐसी किताबें लिखी हैं. ऐसी कुछ किताबों की सूची हम यहां दे रहे हैं जिनसे होम्योपैथी को ठीक से समझना आसान होगा.
1. Materia Medica by William Boericke: इस किताब में होम्योपैथिक दवाओं के बारे में विस्तार जानकारी दी गयी है. किस दवा के क्या लक्षण होते हैं और कोई एक दवा देने के बाद कौन सी दवा देनी चाहिए.

2. Repertory of Homoeopathic Materia Medica by J T Kent: जब किसी मरीज के लिए एक से ज्यादा दवाएं समझ आ रही हों तो किसी एक दवा के नतीजे तक पहुंचने में ये किताब बड़ी मददगार साबित होती है.

3. Organon of Medicine by Samuel Hahnemann: होम्योपैथी क्या है, क्यों है और कैसे सामने आई? अगर इन सवालों का जवाब चाहिये तो इससे अच्छी कोई किताब नहीं. ये किताब होम्योपैथी का दर्शनशास्त्र है. आप तो जानते ही हैं, दर्शन के बगैर कोई भी ज्ञान अधूरा है.

4. Allen’s Keynotes by H C Allen: होम्योपैथी की असली पॉकेट बुक यही है. बहुत से होम्योपैथिक डॉक्टर मानते हैं कि ये किताब 70 फीसदी होम्योपैथी है. जिसे ये किताब कंठस्थ हो वो 99 फीसदी कामयाब रहेगा.

5. Biochemic Pocket Guide with Repertory by W H Schussler: ये Biochemic Medicines की Organon of Medicine से लेकर Materia Medica सब कुछ है.

यहां सभी किताबों के अंग्रेजी एडिशन के बारे में बताया गया है जिन्हें ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. ये किताबें हिंदी और दूसरी भाषाओं में भी मिल जाएंगी. असल में ये सारी किताबें दूसरी भाषाओं से अंग्रेजी में ट्रांसलेट की गयी हैं. जो किताबें हिंदी में हैं उन्हें भी एकेडमिक जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है. फिर भी जिसे स्टडी का पक्का इरादा हो उसके लिए ये बाधाएं बहुत छोटी साबित होंगी.
आखिर में, एक जरूरी बात – किताबें खूब पढ़ें, ज्ञान भी जितना हो सके इकट्ठा करें लेकिन दवा क्वालिफाइड प्रैक्टिशनर की सलाह से ही लें.

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

• होम्योपैथी को लेकर लेटेस्ट पोस्ट से अपडेट रहने के लिए #हैनिमन कैफे के फेसबुक पेज को लाइक करें.
• ट्विटर के जरिये लेटेस्ट अपडेट के लिए @HahnemannCafé को फॉलो करें.
• अगर आपको लगता है कि यहां दी गई जानकारी आपके किसी रिश्तेदार, मित्र या परिचित के काम आ सकती है तो उनसे जरूर शेयर करें.
• अपने सुझाव, सलाह या कोई और जानकारी/फीडबैक देने के लिए हमारा CONTACT पेज विजिट करें.

1 thought on “होम्योपैथी को समझना चाहते हैं तो ये 5 किताबें जरूर पढ़ें

  1. राजन सुळे

    प्रोस्टेट से बहोतसारे पुरुष परेशान रहते हैं। कृपया उसके लिए दवा बताइए

    Reply

Leave a Reply