हैनिमन कैफे का फेसबुक पेज बने एक हफ्ता हो गया. इसे होम्योपैथी के संस्थापक डॉक्टर सैमुअल हैनिमन के जन्मदिन, जिसे वर्ल्ड होम्योपैथिक डे के तौर पर दुनिया भर में मनाया जाता है, पर शुरू किया गया – 10 अप्रैल को.
हफ्ते भर में ही इस पेज को 1000 लोगों ने लाइक किया है. इससे आसानी से समझ आ रहा है कि डॉक्टर हैनिमन के चाहनेवाले की तादाद आज भी कम नहीं हुई है. उनके चाहनेवालों को बहुत बहुत धन्यवाद और डॉक्टर हैनिमन को को बहुत बहुत बधाई.

इस एक हफ्ते में हमें ढेरों मैसेज भी मिले हैं. इनमें बहुमूल्य सुझाव और सलाह हैं जिन पर विचार कर उन्हें अमल में लाने की कोशिश करेंगे. उन सभी को जिन्होंने इसके लिए अपना कीमती वक्त निकाला बहुत बहुत धन्यवाद.

इन मैसेज में बहुत लोगों ने अपनी परेशानी भी शेयर की है – और उसके लिए दवा पूछी है. कई लोगों का तो यहां तक कहना है कि वो इलाज कराते कराते परेशान हो गये हैं और थक चुके हैं. हमारे लिए ये बात बहुत महत्वपूर्ण है. हमारी कोशिश है कि हम जल्द से जल्द उनकी मदद के लिए कुछ उपाय कर सकें.

असल में हैनिमन कैफे की शुरुआत के पीछे वजह रही होम्योपैथी को ठीक से समझना. होम्योपैथी पर लोगों के बीच चर्चा करना. लोग क्या सोचते हैं उसे सबके सामने लाना – और अगर मुमकिन हो तो सही रास्ता दिखाना. होम्योपैथी को लेकर बहुत सारे भ्रम और गलतफहमियां हैं, तो ऐसे भी कुछ कारण हैं जिनकी वजह से होम्योपैथी पर सवाल उठते रहे हैं.

मानना पड़ेगा. वैसे भी उस डॉक्टर के चाहने वाले कम कैसे हो सकते हैं जिसने इलाज का तरीका ही नहीं जायका भी बदल डाला. उम्मीद करनी चाहिए डॉक्टर हैनिमन ने जो अनमोल तोहफा दिया है – दुनिया उसे संभाल कर रखेगी.