# हैनिमन कैफे के एक विजिटर ने ही ये सवाल पूछा है – और ऐसे ही मिलते जुलते सवाल कई और लोगों ने भी पूछे हैं. सवाल पूछने का ये अंदाज होम्योपैथ से जुड़े लोगों को शायद अच्छा न लगे, लेकिन सवाल बहुत अच्छा है. कम से कम लोग ये जानने के इच्छुक तो हैं कि होम्योपैथिक दवाओं का सोर्स क्या क्या है.

होम्योपैथिक दवाओं के सोर्स भी बड़े दिलचस्प हैं. इनके स्रोत पेड़-पौधे और केमिकल तो हैं ही, ये दवाएं सांप के विष से लेकर टीबी के मवाद तक से बनाई जाती हैं. हालांकि, इन्हें बनाने का एक फूल-प्रूफ तरीका है जिसे लंबे परीक्षणों के बाद मान्यता दी गई है.

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मिसाल के तौर पर देखें तो एक दवा है Gelsemium – इसे चमेली के फूल से बनाया गया है. इसी तरह Lachesis सांप के विष से तो Tuberculinum टीबी की बीमारी में बनने वाली पस (Pus Cells) से तैयार की जाती है.

दवाओं के ये बीहड़ सोर्स सुनने में भयंकर जरूर लग सकते हैं – लेकिन इनमें डरनेवाली कोई बात नहीं – क्योंकि मरीज को जो दवा दी जाती है उसमें करोड़वां या हजार करोड़वां हिस्सा या उससे भी कहीं सूक्षमतम मात्रा रह जाती है. शायद यही वजह है कि होम्योपैथी के विरोध में कैंपेन चलाने वाले दवाओं को सादा पानी से ज्यादा नहीं समझते – और लोगों को भी यही समझाने की कोशिश करते हैं.

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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