# फंगल इंफेक्शन से होने वाली बीमारियां बड़ी तकलीफदेह होती हैं. कुछ दिन इलाज के बाद ऐसा लगता है कि बीमारी ठीक हो गयी है, लेकिन फिर से अचानक उसका पुराना रूप सामने आ जाता है.
ऐसे इंफेक्शन में एहतियात जरूरी हो जाते हैं. इसमें सुनिश्चित करना चाहिए कि वही कपड़े पहनें जो पूरी तरह सूख चुके हों. कई बार जल्दबाजी में लोग नम कपड़े भी पहन लेते हैं जो बेहद नुकसानदेह साबित होता है. इसलिए अंडर गारमेंट बिलकुल साफ सुथरे और सूखे हों ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए. अच्छा तो ये हो कि वे प्योर कॉटन हों, न कि सिंथेटिक.

संभावित दवाएं
Tellurium – रिंग वर्म के ज्यादातर मामलों में दी जाने वाली ये पहली दवा होती है. रोग शरीर के किसी भी हिस्से में हो इसका ठीक असर होता है.

+ Bacillinum – जरूरत के हिसाब से डॉक्टर ये दवा देने के बारे में विचार करते हैं.

+ Calcarea Carb और Hepar Sulphur जैसी दवाएं भी जरूरत के हिसाब से ली जा सकती हैं.

ऐसे मामलों में एक बात ध्यान देना जरूरी होता है कि आराम मिलते ही दवा बंद नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर जब ये कहे कि अब दवा लेने की जरूरत नहीं है तभी ऐसा करना सही रहता है.

इसे भी पढ़ें:क्या एलोपैथिक दवाओं (Modern Medicines) के साथ होम्योपैथिक दवाएं ली जा सकती हैं?
इसे भी जानें:क्या होम्योपैथी में कैंसर, टीबी, HIV/एड्स का कोई कारगर इलाज है?

[ये जानकारी Dr. RS Dubey से Team HC की बातचीत पर आधारित है.]

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

  • होम्योपैथी को लेकर लेटेस्ट पोस्ट से अपडेट रहने के लिए #हैनिमन कैफे के फेसबुक पेज को लाइक करें.
  • ट्विटर के जरिये लेटेस्ट अपडेट के लिए @HahnemannCafé को फॉलो करें.
  • अगर आपको लगता है कि यहां दी गई जानकारी आपके किसी रिश्तेदार, मित्र या परिचित के काम आ सकती है तो उनसे जरूर शेयर करें.
  • अपने सुझाव, सलाह या कोई और जानकारी/फीडबैक देने के लिए हमारा CONTACT पेज विजिट करें.