इसके लिए तो सबसे पहले जांच जरूरी है ताकि पता चल सके की गांठ का नेचर क्या है? ये गांठें ट्यूबरकुलर भी हो सकती हैं और कैंसरस भी – लेकिन बगैर जांच के कोई कुछ नहीं बता सकता.

कई बार ये गांठें दूसरी वजहों से भी बन जाती हैं. मसलन, हमारे शरीर की खासियत है कि जब उसे लगता है कि कोई बाहरी वस्तु (Foreign Body) घुस गई है तो अपनेआप वो उसे चारों ओर से घेर लेता है – ताकि वो शरीर को कोई नुकसान पहुंचाने के लायक न रहे.

संभावित दवाएं
1. Conium Maculatum – Symptoms के अनुसार इसे मुख्य दवा के तौर पर लिया जा सकता है. ऐसे मामलों में अक्सर इसे हायर पोटेंस में लेने की सलाह दी जाती है.

2. Calcarea Fluorica – इसे भी Symptoms के अनुसार जरूरत पड़ने पर साथ में लिया जा सकता है. अगर Conium Maculatum को हायर पोटेंसी में देने का फैसला हो तो इसे लोअर पोटेंसी में लिया जा सकता है.

कौन सी दवा किस पोटेंसी में लेना उचित होगा इसके बारे में आप अपने होम्योपैथिक फिजीशियन से सलाह लें. अगर आपको आराम मिले तब भी डॉक्टर की सलाह के बगैर दवा बंद न करें.

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[ये जानकारी Dr. RS Dubey से Team HC की बातचीत पर आधारित है.]

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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