मॉडर्न मेडिसिन की तरह होम्योपैथी में सीधे सीधे दवाओं का ऐसा बंटवारा नहीं है कि कुछ खास दवाएं खाली पेट लेनी होती हैं और बाकी नाश्ते या लंच और डिनर के बाद ही. जिस तरह होम्योपैथी कि दवा हर मरीज के हिसाब से तय की जाती है उसी तरह डॉक्टर दवा कब ली जाए इसका भी फैसला करता है.

1. होम्योपैथी में हायर पोटेंसी की दवाएं अक्सर खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है. साथ ही, ये भी सलाह दी जाती है कि दवा लेने के कम से कम दो या चार घंटे तक रोगी कुछ न खाए तो बेहतर नतीजे मिलेंगे. ऐसा करने से दवा को अपना काम करने के लिए उचित माहौल मिलता है.

2. Nux Vomica जैसी कुछ दवाओं को खाने के बाद ही लेने की सलाह दी जाती है. सर्वोत्तम समय होता है खा पीकर बिस्तर पर जाने के बाद, यानी – उसके बाद कोई मूवमेंट न हो. फिर भी अगर किसी होम्योपैथ को लगता है कि दवा देना जरूरी है तो वो अपने विवेक से फैसला ले सकता है. मतलब, खाली पेट भी दवा लेने का फैसला ले सकता है.

3. Sulphur जैसी कुछ दवाएं हैं जिन्हें खाली पेट तो लेना ही चाहिए लेकिन सूर्योदय के बाद ही. सूर्यास्त के बाद ये दवा न लेने की सलाह दी गई है.

4. पेट की बीमारियों में कुछ दवाएं खाने के पहले और बाद में लेना ठीक होता है. ऐसा करने का फायदा ये होता है कि पहले दवा लेकर तकलीफ से बचा जा सकता है और बाद में फौरन आराम मिल जाता है.

वैसे सामान्य तौर पर खाने से दो घंटे पहले और उसके दो घंटे बाद का समय सबसे उपयुक्त होता है – इस दौरान दवा लेने से लेकर कोई भी वर्क आउट या योगा कुछ भी किया जा सकता है.

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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