मोटे तौर पर इस दवा की खासियत ऐसे समझी जा सकती है – Aconite Napellus बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है. मतलब ये कि किसी भी बीमारी के शुरुआती एक से डेढ़ घंटे में Aconite Nap बेहद उपयोगी रेमेडी मानी जाती है.
सर्दी हो, बुखार हो, कहीं हल्का फुल्का दर्ज हो या किसी तरह की घबराहट या बेचैनी हो तो एकोनाइट नैपलेस का रामबाण असर होता है. दवा का सटीक असर तभी होता है जब उसे सही पोटेंसी में लिया जाये और ये सलाह रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से लेनी ही ठीक रहता है.

Aconite Nap किसके लिए
रोगी का चेहरा देखने से ही पता लग जाता है कि वह डरा हुआ है. ऐसा लगता है जैसे डर के कारण उसका जीवन दूभर हो गया हो. मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है. बेचैन, अधीर, हर काम में जल्दबाजी रहती है. हर चीज उसके लिए चौंकाने वाली हो जाती है.

ज्यादा उपयोगी कब
1. जब दर्द ऐसा हो कि सहन करना मुश्किल हो जाता हो. रात को दर्द बढ़ जाता हो.
2. जब रोगी को घर से बाहर निकलने या भीड़-भाड़ में जाने से भय लगे. यहां तक कि सड़क पार करने की भी हिम्मत जुटा न पाये.
3. जब म्युजिक भी बर्दाश्त नहीं हो पाये. रोगी को हर तरह की धुन उदास करने लगे.
4. बच्चों के दांत निकलते समय शरीर में अकड़न होती हो. जब बच्चा चिढ़ता, चीखता-चिल्लाता हो, अपनी मुट्ठी दांतों से काटता हो.
5. ऐसी खांसी जिसमें घंटी या सीटी बजने जैसी आवाज आती हो.

चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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