चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार इसकी वजह कमजोरी होती है तो कभी पेट की गड़बड़ी भी हो सकती है. उल्टी और दस्त होने के बाद भी चक्कर आ सकता है – और वैसी स्थिति में ध्यान देने की जरूरत होती है. ऐसा होने पर सबसे पहले तो पानी और उसके बाद नींबू, नमक और चीनी का घोल लिया जा सकता है.
इलाज के दूसरे तरीकों की तरह होम्योपैथी में चक्कर आने की कोई एक दवा नहीं हो सकती – व्यक्ति की स्थिति और रोग के दूसरे लक्षणों के आधार पर दवाएं ली जा सकती हैं. ऐसी स्थिति में फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करना ही उचित होगा.

संभावित दवाएं :
अगर खान पान की गड़बड़ी से चक्कर आ रहा हो, तला भुना या ऐसी ही मसालेदार चीजों के कारण तकलीफ हो तो Nux Vomica और Pulsatilla शुरुआती दौर में कारगर साबित हो सकते हैं.

1. China – जब कमजोरी और खून की कमी के चलते चक्कर आये. रोगी बार बार बेहोश हो जाता हो. उल्टी दस्त के बाद चक्कर आ रहा हो.

2. Bryonia – जी मिचल रहा हो, बार बार बेहोश होने की प्रवृत्ति दिखे. चलने फिरने, यहां तक कि उठ कर बैठने से भी रोग बढ़े और लेट जाने पर राहत महसूस हो.

3. Rhus Tox – ज्यादा उम्र के लोगों को अगर बैठे रहने के बाद उठने पर चक्कर आये. शरीर का हर अंग भारी महसूस हो.

4. Phosphorus – सुबह सुबह खाली पेट होने पर चक्कर आये. 
चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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