सोशल मीडिया, खास कर WhatsApp पर लोग खूब शेयर कर रहे हैं – Eupatorium Perfoliatum डेंगू को चुटकियों में भगा देता है. ज्यादा से ज्यादा लोगों से शेयर करने की अपील के साथ ही उस पोस्ट में इस दवा की 200 पोटेंसी लेने की सलाह दी गयी है. सलाह ये भी है कि इसकी दो बूंद लेनी है.
कुछ पोस्ट ऐसी भी शेयर हो रही हैं जिनमें इस दवा से चिकनगुनिया को भी दो बूंद में खत्म कर देने का दावा किया जा रहा है. यहां हम यही समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसे पोस्ट को हमें किस ढंग से लेना चाहिये.

दावे में कितना दम?
किसी भी तरह का इलाज एक कोशिश होती है. रिसर्च और डेवलमेंट के दौरान पहले सारे एक्सपेरिमेंट किये जाते हैं और इलाज में उन्हीं गाइडलाइंस को फॉलो किया जाता है. सोशल मीडिया पर जिस तरह के दावे किये जा रहे हैं ऐसे सिर्फ झाड़-फूंक का झांसा देने के मामलों में होते रहते हैं.
तो क्या डेंगू और चिकनगुनिया के इलाज में ये दवा बिलकुल कारगर नहीं है?
इस सवाल का जवाब सिर्फ ‘हां’ या ‘नहीं’ में नहीं दिया जा सकता. पहली बात – ये दवा डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियों के इलाज में काम आती है और बीमारी को ठीक भी कर सकती है. दूसरी बात – डेंगू और चिकनगुनिया के हर मरीज के लिए यही दवा फायदेमंद होगी, ये कतई जरूरी नहीं है.
रही बात दवा के पोटेंसी की तो इसे पूरी तरह अपने डॉक्टर के विवेक पर छोड़ दीजिए क्योंकि अलग अलग परिस्थितियों में पोटेंसी भी अलग अलग होती है. किसी के लिए इसी दवा की 3x पोटेंसी ठीक होती है तो किसी के 6, 30 या 200 भी, लेकिन इस बात का फैसला तो वही कर सकता है जो इसके लिए अधिकृत हो.
ऐसे ही एक सलाह ये भी है कि दवा की दो बूंद ली जाये. दो बूंद लेना गलत नहीं है, होम्योपैथी के सिद्धांतों के अनुसार उसे एक खुराक माना जाएगा. ये भी डॉक्टर ही तय कर सकता है कि कितनी खुराक और कितने वक्त के अंतर से लेना मरीज के लिए ठीक होगा.

फिर किस मर्ज की है ये दवा
ऐसा लगे जैसे पूरा शरीर कुचल गया हो. शरीर के टुकड़े टुकड़े हो गये हों. हड्डियों में असहनीय दर्द. सिर, पीठ, सीना और हाथ से लेकर पैर तक दर्द ही दर्द.
कलाइयों में तो दर्द इस कदर होता है जैसे वो डिसलोकेट हो चुकी हों.
आंख के गोलों में भी चुभन के साथ दर्द जो बर्दाश्त करना मुश्किल जान पड़े.
तेज जुकाम, बुखार और इनफ्लुएंजा की तीव्र अवस्था कि कभी तेज छींक आये तो कभी नाक बहने जैसा हो जाये.
सिर में चक्कर भी आये और ऐसे कि जैसे बायीं ओर गिर पड़ने का डर लगे. डर के चलते बायीं तरफ सिर मोड़ने की हिम्मत भी न हो.

अब बीमारी का नाम डेंगू हो या फिर चिकनगुनिया या फिर सामान्य सर्दी जुकाम Eupatorium Perf से फायदा हो सकता है, लेकिन छू मंतर जैसी कोई बात नहीं है. Eupatorium Perf के बाद आवश्यकतानुसार Rhus Tox, Gelelsemium 30 और Arsenic Alb में से कोई एक या बारी बारी सभी आजमाये जा सकते हैं.

नोट : इसकी करीबी दवा है Bryonia Alba और इसके बाद Natrum Mur और Sepia का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से किया जाता है.

[यह लेख रिसर्च और होम्योपैथिक डॉक्टरों से बातचीत पर आधारित है.]

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चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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