सफेद दाग के इलाज में सबसे बड़ी राहत की बात यही है कि समाज का नजरिया पहले के मुकाबले काफी बदल चुका है. अब लोग इतने समझदार तो हो ही चुके हैं कि इसके साथ आम बीमारियों की तरह व्यवहार करने लगे हैं. ऐसे में कम से कम इलाज कराने वाले इंसान को न तो उसे छिपाने की जरूरत पड़ती है और न ही उसे लेकर हीन भावना से जूझने की जरूरत पड़ती है.

दवाएं
सफेद दाग के इलाज में मुख्य तौर पर तीन दवाओं की बड़ी भूमिका हो सकती है – Bacillinum, Arsenic Sulphuratum Flavum और Psoralea Corylifolia.

इस्तेमाल का तरीका
Bacillinum को हायर पोटेंसी में लेना सही रहता है. 1M पोटेंसी की दवा लेना ठीक रहेगा. इसे 15-15 दिन बाद एक खुराक लिया जा सकता है. अगर लिक्विड है तो दो बूंद और गोली है तो चार या साइज के अनुसार लेना चाहिये.
Arsenic Sulphuratum Flavum अगर 6X पोटेंसी में लेना ज्यादा असरदार रहता है. अगर 6X न मिले तो 6 पोटेंसी में भी दवा ली जा सकती है.
साथ में, Psoralea Corylifolia Q लेना होता है. इसे 20-20 बूंद दिन में चार बार लेना चाहिये.

दवा के साथ धैर्य की बहुत जरूरत होती है क्योंकि इलाज लंबा चलना है और जल्दी असर भी समझ नहीं आता. हां, गौर करने वाली एक बात है कि इलाज शुरू होने के कुछ दिन बाद सफेद जगह के बीच त्वाचा के रंग के डॉट्स दिखने लगते हैं. ये दवा के असर के सबूत हैं. धीरे धीरे ये डॉट्स बड़े होते हैं और फिर सफेद जगह भी बाकी त्वचा के रंग माफिक हो जाती है.

[ये जानकारी Dr. RS Dubey से Team HC की बातचीत पर आधारित है.]

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चेतावनी/CAUTION: कृपया योग्य डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा न लें. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

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