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Posts for Category : फेमिली लाइफ

hangover and homoeopathy

5 मिनट में हैंगओवर से उबारने में कारगर 5 होम्योपैथिक दवाएं

कोशिश तो यही होनी चाहिये कि न ड्रिंक किया जाये और न हैंगओवर की नौबत आये. फिर भी कभी पार्टी में या मौका विशेष के चलते ड्रिंक से बच नहीं पाये और फिर हैंगओवर हो जाये तो होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, शर्त एक ही है – डॉक्टर से पूछ कर.

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बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है एकोनाइट

मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है.

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नक्स वोमिका के बारे में कितना जानते हैं आप – जानिए 5 खास बातें

नक्स वोमिका के रोगी स्वभाव से चिड़चिड़े होते हैं और धैर्य तो उनमें न के बराबर होता है. ऐसे लोगों को बहुत जल्दी गुस्सा आता है और लोगों के प्रति वे घृणा भाव रखते हैं.

Belladonna and Sulphur

आंखों की बिलनी से निजात दिलानेवाली ये हैं तीन दवाएं

अगर आंखों को वे अपना कार्यक्षेत्र बना लें फिर तो नींद ही नहीं जीना हराम कर देते हैं.
पलकों पर होने वाली ऐसी ही फुंसियों को बिलनी, गुहेरी या गुहाज्जनी भी कहते हैं. इनकी हर अवस्था बड़ी कष्टकारी होती है – जब निकल आएं, उनमें पस भर आए या फिर फूट कर पस बहने लगे.

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FAQ – 014 : होम्योपैथिक दवाएं कुछ खाने के बाद लेनी चाहिए या बिलकुल खाली पेट?

पेट की बीमारियों में कुछ दवाएं खाने के पहले और बाद में लेना ठीक होता है. ऐसा करने का फायदा ये होता है कि पहले दवा लेकर तकलीफ से बचा जा सकता है और बाद में फौरन आराम मिल जाता है.

केस स्टडी: जल जाने पर इलाज के लिए Urtica Urens से बेहतर कोई दवा नहीं

एक शाम की बात है. सुलभा घर पर अकेली थीं. उन्होंने चाय बनाई और टीवी के सामने सोफे पर जहां वो हमेशा बैठा करतीं, बैठ गईं. कप साफ नहीं थे इसलिए उस दिन चाय उन्होंने प्लास्टिक के डिस्पोजेबल ग्लास में ली थी. जैसे ही चाय पीने को हुईं पूरा ग्लास पलट कर उनके ऊपर गिर गया. चाय बहुत ही गर्म थी. ग्लास में डाले एक मिनट भी नहीं हुए होंगे.

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एसिडिटी, बदहजमी और पेट में गैस बने तो ये हैं 5 कारगर दवाएं

पेट में एसिडिटी, खट्टी डकारें और गैस बनना – ये सब अमूमन खान पान की गड़बड़ी से होते हैं. कई इनकी वजह मानसिक तनाव भी होता है. ऐसे में तनाव दूर करने के उपायों के साथ साथ अगर खान पान पर थोड़ा ध्यान रखा जाए तो एसिडिटी और ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है.

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इन 5 दवाओं की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है

कई छोटी मोटी तकलीफें हमें अक्सर परेशान करती रहती हैं. ऐसी तकलीफें कभी भी किसी को भी हो सकती हैं. यहां हम ऐसी दवाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप अपने डॉक्टर की सलाह से पास में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये बॉयोकेमिक दवाएं हैं और इन्हें गुनगुने पानी के साथ लेना ठीक रहता है.

पेट को दुरूस्त रखने के लिए इन 6 दवाओं के बारे में जरूर जानना चाहिए

पेट का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है. यानी, पेट खराब तो दिमाग खराब. दिमाग खराब तो पेट खराब. अगर देखा जाए तो हमारे दिमाग और पेट में बड़ा ही नाजुक और करीबी रिश्ता है और नियमित रूप से ये उसे निभाते भी हैं.

# खोई हुई ताकत और जवानी पाने के लिए ये 6 दवाएं बड़े काम की हैं

माना जाता है कि पेट की 90 फीसदी बीमारियों का हमारे मस्तिष्क से सीधा कनेक्शन है.

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ये 5 बॉयोकेमिक दवाएं हर किसी के लिए बेहद उपयोगी हैं.

इन 12 बॉयोकेमिक दवाओं को मिलाकर कुछ 28 Bio Combinations तैयार किये गये हैं. इन्हीं में से पांच का हम यहां जिक्र कर रहे हैं जो हर किसी के काम आ सकती हैं.

1. Biocomb 01 – अगर शरीर में खून की कमी हो जाए तो होम्योपैथिक इलाज के साथ इसे भी लेने की डॉक्टर सलाह देते हैं. महिलाओं की शरीर की बनावट ऐसी है कि उन्हें अक्सर एनीमिया की शिकायत होती रहती है.

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ये 5 दवाएं शरीर में Calcium और Vitamin D3 की कमी को पूरा कर देंगी

हैनिमन कैफे के कंसल्टैंट होम्योपैथ के अनुसार इन चारों दवाओं का मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर लिया जा सकता है. दो-तीन हफ्ते लेने के बाद जांच से स्थिति का पता करने के बाद जरूरत के हिसाब से इसे जारी रखा जाए या नहीं इसका फैसला किया जा सकता है.

faq homoeopathy

FAQ – 012 : अगर पूरे शरीर में जगह जगह गांठ हो गई हो तो कौन सी दवा लेनी चाहिए?

कई बार ये गांठें दूसरी वजहों से भी बन जाती हैं. मसलन, हमारे शरीर की खासियत है कि जब उसे लगता है कि कोई बाहरी वस्तु (Foreign Body) घुस गई है तो अपनेआप वो उसे चारों ओर से घेर लेता है – ताकि वो शरीर को कोई नुकसान पहुंचाने के लायक न रहे.

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ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं

ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं
Biocomb 26 – ये Biochemic मेडिसिन डॉक्टर की सलाह से ड्यू डेट से तीन हफ्ते पहले शुरू की जा सकती है.

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वेट लॉस का बेस्ट फॉर्मूला – मीठी गोलियां और भर पेट भोजन – बस और कुछ नहीं

संभावित दवाएं – अगर वजन सामान्य से ज्यादा है तो वो किसी बीमारी की वजह से हो सकता है. अगर सामान्य से कम है तो भी किसी न किसी रोग की वजह से ही होगा. इसलिए जरूरी है कि उस खास रोग के लिए उपाय किये जाएं – बाकी समस्या अपनेआप खत्म हो जाएगी.

+ Ignatia – अगर डिप्रेशन के चलते वजन बढ़ रहा हो या फिर वजन बढ़ने से इंसान मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा हो और निराशा का भाव समा गया हो.

ऐसे करें अपने लिए एक अच्छे होम्योपैथिक डॉक्टर की तलाश

क्वालिफाइड क्यों?
अगर नहीं तो क्या आप किसी भी ऐरे गैरे से अपनी आंख या किसी और अंग की सर्जरी करा लेंगे? नहीं ना. अगर नहीं तो फिर ऐसे ही किसी शौकिया व्यक्ति से दवा क्यों लेना चाहिये?
क्वालिफाइड से मतलब है कि उसने होम्योपैथिक इलाज की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली हो. उसे पता हो कि शरीर में कौन अंग कहां है – और वे कैसे काम करते हैं.

काले घने और सुंदर बालों के लिए मीठी गोलियों की चार खुराक काफी है

अब अगर किसी वजह से बाल गिरने लगें या कम उम्र में ही सफेद हो जाएं तो उपचार जरूरी हो जाता है. सबको यही सलाह है कि कलर करने या कोई अन्य उपाय करने से पहले किसी क्वालिफाइड होम्योपैथ से जरूर संपर्क करें.

संभावित दवाएं
+ Lycopodium और Acid Phos – अगर कम उम्र में बाल अचानक सफेद होने लगें.

faq homoeopathy

FAQ – 010 : आसान प्रसव के लिए होम्योपैथी में कोई दवा है क्या?

जानकारी के लिए हम यहां कुछ दवाओं के बारे में बता रहे हैं. ये दवाएं ड्यू डेट से तीन हफ्ते पहले ली जा सकती हैं.

संभावित रेमेडीज
+ Biocomb No. 26 – ये Biochemic दवा है जिसे कई कई दवाओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है. किसी भी अच्छी कंपनी की दवा ली जा सकती है. छोटे शहरों में मेडिकल स्टोर खुले में भी ये दवा मिल सकती है.

आखिर होम्योपैथी को ज्योतिष और तंत्र-मंत्र जैसा ट्रीटमेंट क्यों मिलता है?

क्या कभी सुना है कि मॉडर्न मेडिसिन देते वक्त कोई डॉक्टर पैरासिटामॉल देने के बाद भी कहे कि इससे बुखार उतर सकता है. या इसे लेने के बाद बुखार उतरने की पूरी संभावना है. नहीं, वो साफ तौर पर कहता है कि इससे बुखार उतर जाएगा.

मीठी गोलियों की तेज धार देखी है, होम्योपैथी का चाकू (KNIFE) है Hepar Sulphur

अगर किसी को फोड़ा हुआ है और वो उसे छुने से पहले ही चिल्लाने लगे. कहने का मतलब छूने के अहसास भर से ही तेज दर्द का आभास हो – Heper Sulphur का असर बेजोड़ है.

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हर चीज की तरह होम्योपैथी को भी अपनी हद है, अपनी ही थ्योरी के कारण

होम्योपैथी की खोज जिस समानता की थ्योरी पर हुई उसकी कुछ अपनी सीमाएं हैं. इसके तहत होम्योपैथिक रेमेडीज रोगी के शरीर में एक छद्म रोग की अवस्था (जब रोग बढ़ा हुआ या घटा हुआ प्रतीत होता है) पैदा कर देती है जिसके प्रभाव से असल रोग का प्रभाव खत्म हो जाता है. कुछ देर बाद छद्म रोग की अवस्था भी खत्म हो जाती है – और दवा लेने वाला निरोग हो जाता है.


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