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Posts for Tag : इलाज

dry skin problem

ये दो होम्योपैथिक दवाइयां Dry Skin से राहत दिलाने के लिए काफी हैं

Dry Skin ऐसी समस्या है जो न तो उम्र का लिहाज करता है और न किसी तरह का भेदभाव. सर्दियों में तो शायद ही कोई ऐसा हो जो इससे परेशान न होता हो.

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सफेद दाग से छुटकारा पाना थोड़ा मुश्किल जरूर है, मगर नामुमकिन तो नहीं

दवा के साथ धैर्य की बहुत जरूरत होती है क्योंकि इलाज लंबा चलना है और जल्दी असर भी समझ नहीं आता. हां, गौर करने वाली एक बात है कि इलाज शुरू होने के कुछ दिन बाद सफेद जगह के बीच त्वाचा के रंग के डॉट्स दिखने लगते हैं. ये दवा के असर के सबूत हैं. धीरे धीरे ये डॉट्स बड़े होते हैं और फिर सफेद जगह भी बाकी त्वचा के रंग माफिक हो जाती है.

Robinia Q

अल्सर के इलाज के लिए ये 2 दवाएं और थोड़ा एहतियात बरतें तो जल्द आराम मिलेगा

पेट में अक्सर दर्द और जलन होना और कुछ भी गर्म पीने पर परेशानी बढ़े, फिर तो समझ लेना चाहिये कि अब लापरवाही नहीं चलने वाली. ऐसी तकलीफ होने पर बगैर वक्त गवांए डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लेनी चाहिये.

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Aloe Socotrina के बारे में कितना जानते हैं आप – जानिए 5 खास बातें

Aloe Socotrina के बारे में हम बताना चाहते हैं कि जैसे ये दस्त और पेट की तकलीफों से हमें निजात दिलाती है, उसी तरह सिरदर्द में भी आराम देती है. अब सवाल है कि सरदर्द होने पर किस तरह के लक्षणों में ये दवा लेनी चाहिये?

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हमारा काम है आगाह करना – मर्जी आपकी, पर मुफ्त में इलाज खतरनाक हो सकता है

हम तो यही मान कर चल रहे थे कि हैनिमन कैफे के पोस्ट से आपको फायदा जरूर होता होगा. अब लग रहा है कि हैनिमन कैफे के पोस्ट के भी कुछ न कुछ साइड इफेक्ट जरूर होते हैं.

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Eupatorium Perf से डेंगू को ठीक करने का दावा कितना सही है?

अब बीमारी का नाम डेंगू हो या फिर चिकनगुनिया या फिर सामान्य सर्दी जुकाम Eupatorium Perf से फायदा हो सकता है, लेकिन छू मंतर जैसी कोई बात नहीं है.

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सेल्फ हेल्प : पाइल्स से छुटकारा पाने वाले एक व्यक्ति की सक्सेस स्टोरी

मैं इलाज से थक चुका था. मैंने डॉक्टर की बतायी सभी सावधानियां बरतीं और दवाएं भी लीं मगर कोई सुधार नजर नहीं आया. दोपहर कम ही खूबसूरत होती है. उस दिन अचानक मुझे एक उपाय सूझी. मुझे अपने बचपन का वाकया याद आया. जब हमलोग बच्चे थे

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जी मिचलने या उल्टी होने पर Ipecac के अलावा भी कई दवाएं काम की हैं

कुछ तकलीफें ऐसी होती हैं जो किसी खास मौसम की मोहताज नहीं होतीं. हर मौसम उनके लिए सदाबहार होता है. मिचली और उल्टी ऐसी ही तकलीफ है जो कभी भी किसी को परेशान कर सकती है. बाकियों के मुकाबले ये गर्मियों में ज्यादा मुश्किलें खड़े करती है.

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हर्निया के ज्यादातर मामलों में Nux Vomica और Sulphur बेहद कारगर हैं

हर्निया के ज्यादातर मामलों में Nux Vomica और Sulphur से ही फायदा देखने को मिलता है. जरूरत पड़ने पर दोनों दवाएं लोअर पोटेंसी में एक साथ भी चलाई जा सकती हैं. जब Nux Vomica की लोअर पोटेंसी का असर दिखे तो धीरे धीरे उसे बढ़ाया जा सकता है.

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चक्कर आने की कई वजहें हैं, ये होम्योपैथिक दवाएं ली जा सकती है

कई बार इसकी वजह कमजोरी होती है तो कभी पेट की गड़बड़ी भी हो सकती है. उल्टी और दस्त होने के बाद भी चक्कर आ सकता है – और वैसी स्थिति में ध्यान देने की जरूरत होती है. ऐसा होने पर सबसे पहले तो पानी और उसके बाद नींबू, नमक और चीनी का घोल लिया जा सकता है.

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हिंदी में होम्योपैथी को समझने के लिए ये 2 किताबें पर्याप्त हैं

यहां हम सिर्फ दो किताबों का जिक्र करेंगे. ये दोनों ही किताबें होम्योपैथी के फंडामेंटल को समझाती हैं और प्रामाणिक ग्रंथ भी हैं. इनमें से एक तो खुद होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमन ने लिखा है – और दूसरी होम्योपैथी के अपने जमाने के बहुत बड़े एक्सपर्ट एच सी एलन ने.

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5 मिनट में हैंगओवर से उबारने में कारगर 5 होम्योपैथिक दवाएं

कोशिश तो यही होनी चाहिये कि न ड्रिंक किया जाये और न हैंगओवर की नौबत आये. फिर भी कभी पार्टी में या मौका विशेष के चलते ड्रिंक से बच नहीं पाये और फिर हैंगओवर हो जाये तो होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, शर्त एक ही है – डॉक्टर से पूछ कर.

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बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है एकोनाइट

मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है.

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होम्योपैथी को समझना चाहते हैं तो ये 5 किताबें जरूर पढ़ें

अगर आप होम्योपैथी का अध्ययन करना चाहते हैं तो हैनिमन कैफे की सलाह है कि वे किताबें पढ़ें जिनमें प्रामाणिक जानकारी हो. होम्योपैथी के आविष्कारक डॉ. सैमुअल हैनिमन के अलावा भी कई एक्सपर्ट ने ऐसी किताबें लिखी हैं.

NUX VOMICA

नक्स वोमिका के बारे में कितना जानते हैं आप – जानिए 5 खास बातें

नक्स वोमिका के रोगी स्वभाव से चिड़चिड़े होते हैं और धैर्य तो उनमें न के बराबर होता है. ऐसे लोगों को बहुत जल्दी गुस्सा आता है और लोगों के प्रति वे घृणा भाव रखते हैं.

Belladonna and Sulphur

आंखों की बिलनी से निजात दिलानेवाली ये हैं तीन दवाएं

अगर आंखों को वे अपना कार्यक्षेत्र बना लें फिर तो नींद ही नहीं जीना हराम कर देते हैं.
पलकों पर होने वाली ऐसी ही फुंसियों को बिलनी, गुहेरी या गुहाज्जनी भी कहते हैं. इनकी हर अवस्था बड़ी कष्टकारी होती है – जब निकल आएं, उनमें पस भर आए या फिर फूट कर पस बहने लगे.

NUX VOMICA

FAQ – 014 : होम्योपैथिक दवाएं कुछ खाने के बाद लेनी चाहिए या बिलकुल खाली पेट?

पेट की बीमारियों में कुछ दवाएं खाने के पहले और बाद में लेना ठीक होता है. ऐसा करने का फायदा ये होता है कि पहले दवा लेकर तकलीफ से बचा जा सकता है और बाद में फौरन आराम मिल जाता है.

केस स्टडी: जल जाने पर इलाज के लिए Urtica Urens से बेहतर कोई दवा नहीं

एक शाम की बात है. सुलभा घर पर अकेली थीं. उन्होंने चाय बनाई और टीवी के सामने सोफे पर जहां वो हमेशा बैठा करतीं, बैठ गईं. कप साफ नहीं थे इसलिए उस दिन चाय उन्होंने प्लास्टिक के डिस्पोजेबल ग्लास में ली थी. जैसे ही चाय पीने को हुईं पूरा ग्लास पलट कर उनके ऊपर गिर गया. चाय बहुत ही गर्म थी. ग्लास में डाले एक मिनट भी नहीं हुए होंगे.

NUX VOMICA

एसिडिटी, बदहजमी और पेट में गैस बने तो ये हैं 5 कारगर दवाएं

पेट में एसिडिटी, खट्टी डकारें और गैस बनना – ये सब अमूमन खान पान की गड़बड़ी से होते हैं. कई इनकी वजह मानसिक तनाव भी होता है. ऐसे में तनाव दूर करने के उपायों के साथ साथ अगर खान पान पर थोड़ा ध्यान रखा जाए तो एसिडिटी और ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है.

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इन 5 दवाओं की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है

कई छोटी मोटी तकलीफें हमें अक्सर परेशान करती रहती हैं. ऐसी तकलीफें कभी भी किसी को भी हो सकती हैं. यहां हम ऐसी दवाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप अपने डॉक्टर की सलाह से पास में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये बॉयोकेमिक दवाएं हैं और इन्हें गुनगुने पानी के साथ लेना ठीक रहता है.


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