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FAQ: होम्योपैथिक दवाएं कैसे लेनी चाहिये – कितनी गोली, कितने बूंद और कितनी बार?

दो बूंद जिंदगी के – ये लाइन तो हर किसी के मन में अपने आप आ जाती है. होम्योपैथी में ये प्रैक्टिस इसकी शुरुआत से ही है. अक्सर देखा जाता है कि डॉक्टर मरीज की जीभ पर दवा की दो बूंद डाल देते हैं.

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सेक्स समस्याएं – शीघ्रपतन से छुटकारा पाने के लिए ये 3 दवाएं काफी हैं

शीघ्रपतन [Premature Ejaculation] वैसे तो कोई बीमारी नहीं है, लेकिन परेशानी बहुत बड़ी है. इसे बीमारी की बजाय उसके पहले की अवस्था के तौर पर समझा जा सकता है.

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हिंदी में होम्योपैथी को समझने के लिए ये 2 किताबें पर्याप्त हैं

यहां हम सिर्फ दो किताबों का जिक्र करेंगे. ये दोनों ही किताबें होम्योपैथी के फंडामेंटल को समझाती हैं और प्रामाणिक ग्रंथ भी हैं. इनमें से एक तो खुद होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमन ने लिखा है – और दूसरी होम्योपैथी के अपने जमाने के बहुत बड़े एक्सपर्ट एच सी एलन ने.

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बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है एकोनाइट

मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है.

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आंखों की बिलनी से निजात दिलानेवाली ये हैं तीन दवाएं

अगर आंखों को वे अपना कार्यक्षेत्र बना लें फिर तो नींद ही नहीं जीना हराम कर देते हैं.
पलकों पर होने वाली ऐसी ही फुंसियों को बिलनी, गुहेरी या गुहाज्जनी भी कहते हैं. इनकी हर अवस्था बड़ी कष्टकारी होती है – जब निकल आएं, उनमें पस भर आए या फिर फूट कर पस बहने लगे.

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इन 5 दवाओं की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है

कई छोटी मोटी तकलीफें हमें अक्सर परेशान करती रहती हैं. ऐसी तकलीफें कभी भी किसी को भी हो सकती हैं. यहां हम ऐसी दवाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप अपने डॉक्टर की सलाह से पास में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये बॉयोकेमिक दवाएं हैं और इन्हें गुनगुने पानी के साथ लेना ठीक रहता है.

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खोई हुई ताकत और जवानी पाने के लिए ये 6 दवाएं बड़े काम की हैं

यहां हम ऐसी ही कुछ दवाएं बता रहे हैं जो कमियों को दूर हमारे शरीर को तंदुरूस्त बनाती हैं. अपने डॉक्टर की सलाह से आप इन्हें जरूरत के हिसाब से ले सकते हैं.

पेट को दुरूस्त रखने के लिए इन 6 दवाओं के बारे में जरूर जानना चाहिए

पेट का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है. यानी, पेट खराब तो दिमाग खराब. दिमाग खराब तो पेट खराब. अगर देखा जाए तो हमारे दिमाग और पेट में बड़ा ही नाजुक और करीबी रिश्ता है और नियमित रूप से ये उसे निभाते भी हैं.

# खोई हुई ताकत और जवानी पाने के लिए ये 6 दवाएं बड़े काम की हैं

माना जाता है कि पेट की 90 फीसदी बीमारियों का हमारे मस्तिष्क से सीधा कनेक्शन है.

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ये 5 दवाएं शरीर में Calcium और Vitamin D3 की कमी को पूरा कर देंगी

हैनिमन कैफे के कंसल्टैंट होम्योपैथ के अनुसार इन चारों दवाओं का मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर लिया जा सकता है. दो-तीन हफ्ते लेने के बाद जांच से स्थिति का पता करने के बाद जरूरत के हिसाब से इसे जारी रखा जाए या नहीं इसका फैसला किया जा सकता है.

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FAQ – 012 : अगर पूरे शरीर में जगह जगह गांठ हो गई हो तो कौन सी दवा लेनी चाहिए?

कई बार ये गांठें दूसरी वजहों से भी बन जाती हैं. मसलन, हमारे शरीर की खासियत है कि जब उसे लगता है कि कोई बाहरी वस्तु (Foreign Body) घुस गई है तो अपनेआप वो उसे चारों ओर से घेर लेता है – ताकि वो शरीर को कोई नुकसान पहुंचाने के लायक न रहे.

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ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं

ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं
Biocomb 26 – ये Biochemic मेडिसिन डॉक्टर की सलाह से ड्यू डेट से तीन हफ्ते पहले शुरू की जा सकती है.

काले घने और सुंदर बालों के लिए मीठी गोलियों की चार खुराक काफी है

अब अगर किसी वजह से बाल गिरने लगें या कम उम्र में ही सफेद हो जाएं तो उपचार जरूरी हो जाता है. सबको यही सलाह है कि कलर करने या कोई अन्य उपाय करने से पहले किसी क्वालिफाइड होम्योपैथ से जरूर संपर्क करें.

संभावित दवाएं
+ Lycopodium और Acid Phos – अगर कम उम्र में बाल अचानक सफेद होने लगें.

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FAQ – 011 : दाद-खाज-खुजली से परेशान होने पर कौन सी होम्योपैथिक दवा लेनी चाहिए?

फंगल इंफेक्शन से होने वाली बीमारियां बड़ी तकलीफदेह होती हैं. कुछ दिन इलाज के बाद ऐसा लगता है कि बीमारी ठीक हो गयी है, लेकिन फिर से अचानक उसका पुराना रूप सामने आ जाता है.

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FAQ – 010 : आसान प्रसव के लिए होम्योपैथी में कोई दवा है क्या?

जानकारी के लिए हम यहां कुछ दवाओं के बारे में बता रहे हैं. ये दवाएं ड्यू डेट से तीन हफ्ते पहले ली जा सकती हैं.

संभावित रेमेडीज
+ Biocomb No. 26 – ये Biochemic दवा है जिसे कई कई दवाओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है. किसी भी अच्छी कंपनी की दवा ली जा सकती है. छोटे शहरों में मेडिकल स्टोर खुले में भी ये दवा मिल सकती है.

आखिर होम्योपैथी को ज्योतिष और तंत्र-मंत्र जैसा ट्रीटमेंट क्यों मिलता है?

क्या कभी सुना है कि मॉडर्न मेडिसिन देते वक्त कोई डॉक्टर पैरासिटामॉल देने के बाद भी कहे कि इससे बुखार उतर सकता है. या इसे लेने के बाद बुखार उतरने की पूरी संभावना है. नहीं, वो साफ तौर पर कहता है कि इससे बुखार उतर जाएगा.

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FAQ – 008 : क्या एलोपैथिक दवाओं (Modern Medicines) के साथ होम्योपैथिक दवाएं ली जा सकती हैं?

हैनिमन के सिद्धांतों के अनुसार एक मरीज के लिए सिर्फ एक दवा ही बेस्ट होती है, बल्कि कहें तो सही होती है. ये बात पोटेंसी फॉर्म की दवाओं पर ही लागू होती है क्योंकि कई मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर भी दिये जा सकते हैं.

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FAQ – 004 : होम्योपैथिक दवाओं की एक बार में कितनी गोलियां लेनी चाहिए?

कितनी गोलियां लेना है ये तो मेडिकल स्टोर वाले से भी पूछा जा सकता है, लेकिन दवा की दूसरी बार और उसके बाद कब लेनी है इसमें तो डॉक्टर की ही सलाह माननी चाहिए.

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FAQ – 003 : होम्योपैथी की दवा लिक्विड में लेना ठीक रहता है या गोली में?

होम्योपैथिक दवा चाहे गोली में ली जाए या लिक्विड में दोनों में से किसी भी तरीके से लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता. गोली पूरी तरह सूख भी गई हो तो कुछ दिन तक उसमें दवा का असर रहता है.

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FAQ – 002 : होम्योपैथी में दवा के SYMPTOM या लक्षण का क्या मतलब होता है?

# असल में ये लक्षण ही होम्योपैथी के आविष्कार के आधार बने. होम्योपैथी की हर दवा के खास लक्षण होते हैं. अगर वे खास लक्षण किसी रोगी में पाये जाते हैं तो उसी दवा से उसकी तकलीफ दूर होती है.

हर मर्ज का तो नहीं लेकिन हर मरीज का इलाज जरूर है होम्योपैथी में

ऐसे बहुत लोग मिलते हैं जो होम्योपैथी को बताते तो अच्छा हैं, पर उसी वक्त पूछते हैं – फलां बीमारी का इलाज है होम्योपैथी में?
निश्चित रूप से होम्योपैथी में इलाज तो है लेकिन किसी खास बीमारी का नहीं, बल्कि तकलीफ से तड़प रहे हर बीमार का. आइए इसे सरल तरीके से समझने की कोशिश करते हैं.

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हर मर्ज की कई दवाएं
होम्योपैथिक ट्रीटमेंट में रोग नहीं,


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