ये कहानी जानने के बाद उन सभी को मालूम हो गया होगा कि उनके सवालों के जवाब अब तक क्यों नहीं मिले और ये यकीन भी हो गया होगा कि जवाब जरूर मिलेंगे. यहां भी देर है, पर अंधेर नहीं. संसाधनों को लेकर हमारी भी कुछ मजबूरियां हैं, मगर कोशिशों में कमी नहीं करते. अब तक हमारे साथ बने रहने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया.