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Bryonia के बारे में कितना जानते हैं आप – जानिए 5 खास बातें

हम बात कर रहे हैं होम्योपैथ की उस दवा के बारे में जिसका नाम ज्यादातर लोगों को मालूम होता है – Bryonia Alba. आम तौर पर Bryonia बदन में दर्द, बुखार और गठिया जैसी तकलीफों में इस्तेमाल की जाती है – लेकिन उससे इतर भी ये दवा काफी उपयोगी साबित होती है.

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हिंदी में होम्योपैथी को समझने के लिए ये 2 किताबें पर्याप्त हैं

यहां हम सिर्फ दो किताबों का जिक्र करेंगे. ये दोनों ही किताबें होम्योपैथी के फंडामेंटल को समझाती हैं और प्रामाणिक ग्रंथ भी हैं. इनमें से एक तो खुद होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमन ने लिखा है – और दूसरी होम्योपैथी के अपने जमाने के बहुत बड़े एक्सपर्ट एच सी एलन ने.

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बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है एकोनाइट

मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है.


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आंखों की बिलनी से निजात दिलानेवाली ये हैं तीन दवाएं

अगर आंखों को वे अपना कार्यक्षेत्र बना लें फिर तो नींद ही नहीं जीना हराम कर देते हैं.
पलकों पर होने वाली ऐसी ही फुंसियों को बिलनी, गुहेरी या गुहाज्जनी भी कहते हैं. इनकी हर अवस्था बड़ी कष्टकारी होती है – जब निकल आएं, उनमें पस भर आए या फिर फूट कर पस बहने लगे.

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FAQ – 014 : होम्योपैथिक दवाएं कुछ खाने के बाद लेनी चाहिए या बिलकुल खाली पेट?

पेट की बीमारियों में कुछ दवाएं खाने के पहले और बाद में लेना ठीक होता है. ऐसा करने का फायदा ये होता है कि पहले दवा लेकर तकलीफ से बचा जा सकता है और बाद में फौरन आराम मिल जाता है.


केस स्टडी: जल जाने पर इलाज के लिए Urtica Urens से बेहतर कोई दवा नहीं

एक शाम की बात है. सुलभा घर पर अकेली थीं. उन्होंने चाय बनाई और टीवी के सामने सोफे पर जहां वो हमेशा बैठा करतीं, बैठ गईं. कप साफ नहीं थे इसलिए उस दिन चाय उन्होंने प्लास्टिक के डिस्पोजेबल ग्लास में ली थी. जैसे ही चाय पीने को हुईं पूरा ग्लास पलट कर उनके ऊपर गिर गया. चाय बहुत ही गर्म थी.

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एसिडिटी, बदहजमी और पेट में गैस बने तो ये हैं 5 कारगर दवाएं

पेट में एसिडिटी, खट्टी डकारें और गैस बनना – ये सब अमूमन खान पान की गड़बड़ी से होते हैं. कई इनकी वजह मानसिक तनाव भी होता है. ऐसे में तनाव दूर करने के उपायों के साथ साथ अगर खान पान पर थोड़ा ध्यान रखा जाए तो एसिडिटी और ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है.

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इन 5 दवाओं की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है

कई छोटी मोटी तकलीफें हमें अक्सर परेशान करती रहती हैं. ऐसी तकलीफें कभी भी किसी को भी हो सकती हैं. यहां हम ऐसी दवाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप अपने डॉक्टर की सलाह से पास में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये बॉयोकेमिक दवाएं हैं और इन्हें गुनगुने पानी के साथ लेना ठीक रहता है.

पेट को दुरूस्त रखने के लिए इन 6 दवाओं के बारे में जरूर जानना चाहिए

पेट का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है. यानी, पेट खराब तो दिमाग खराब. दिमाग खराब तो पेट खराब. अगर देखा जाए तो हमारे दिमाग और पेट में बड़ा ही नाजुक और करीबी रिश्ता है और नियमित रूप से ये उसे निभाते भी हैं.

# खोई हुई ताकत और जवानी पाने के लिए ये 6 दवाएं बड़े काम की हैं

माना जाता है कि पेट की 90 फीसदी बीमारियों का हमारे मस्तिष्क से सीधा कनेक्शन है.

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FAQ – 013 : Eczema का होम्योपैथी में क्या इलाज है? राहत नहीं, छुटकारा पाने का उपाय बताइए

जब किसी होम्योपैथ को ये पता करना होता है कि किसी बीमारी की असल वजह Eczema है तो वो मरीज को कुछ खास दवाएं देता है. उन दवाओं के असर से शरीर के अंदर छिपा हुआ Eczema बाहर आ जाता है.


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ये 5 बॉयोकेमिक दवाएं हर किसी के लिए बेहद उपयोगी हैं.

इन 12 बॉयोकेमिक दवाओं को मिलाकर कुछ 28 Bio Combinations तैयार किये गये हैं. इन्हीं में से पांच का हम यहां जिक्र कर रहे हैं जो हर किसी के काम आ सकती हैं.


1. Biocomb 01 – अगर शरीर में खून की कमी हो जाए तो होम्योपैथिक इलाज के साथ इसे भी लेने की डॉक्टर सलाह देते हैं.

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ये 5 दवाएं शरीर में Calcium और Vitamin D3 की कमी को पूरा कर देंगी

हैनिमन कैफे के कंसल्टैंट होम्योपैथ के अनुसार इन चारों दवाओं का मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर लिया जा सकता है. दो-तीन हफ्ते लेने के बाद जांच से स्थिति का पता करने के बाद जरूरत के हिसाब से इसे जारी रखा जाए या नहीं इसका फैसला किया जा सकता है.

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FAQ – 012 : अगर पूरे शरीर में जगह जगह गांठ हो गई हो तो कौन सी दवा लेनी चाहिए?

कई बार ये गांठें दूसरी वजहों से भी बन जाती हैं. मसलन, हमारे शरीर की खासियत है कि जब उसे लगता है कि कोई बाहरी वस्तु (Foreign Body) घुस गई है तो अपनेआप वो उसे चारों ओर से घेर लेता है – ताकि वो शरीर को कोई नुकसान पहुंचाने के लायक न रहे.

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ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं

ये 3 दवाएं प्रसव की प्रक्रिया आसान बना सकती हैं
Biocomb 26 – ये Biochemic मेडिसिन डॉक्टर की सलाह से ड्यू डेट से तीन हफ्ते पहले शुरू की जा सकती है.


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वेट लॉस का बेस्ट फॉर्मूला – मीठी गोलियां और भर पेट भोजन – बस और कुछ नहीं

संभावित दवाएं – अगर वजन सामान्य से ज्यादा है तो वो किसी बीमारी की वजह से हो सकता है. अगर सामान्य से कम है तो भी किसी न किसी रोग की वजह से ही होगा. इसलिए जरूरी है कि उस खास रोग के लिए उपाय किये जाएं – बाकी समस्या अपनेआप खत्म हो जाएगी.


काले घने और सुंदर बालों के लिए मीठी गोलियों की चार खुराक काफी है

अब अगर किसी वजह से बाल गिरने लगें या कम उम्र में ही सफेद हो जाएं तो उपचार जरूरी हो जाता है. सबको यही सलाह है कि कलर करने या कोई अन्य उपाय करने से पहले किसी क्वालिफाइड होम्योपैथ से जरूर संपर्क करें.


संभावित दवाएं
+ Lycopodium और Acid Phos –

मीठी गोलियों की तेज धार देखी है, होम्योपैथी का चाकू (KNIFE) है Hepar Sulphur

अगर किसी को फोड़ा हुआ है और वो उसे छुने से पहले ही चिल्लाने लगे. कहने का मतलब छूने के अहसास भर से ही तेज दर्द का आभास हो – Heper Sulphur का असर बेजोड़ है.


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क्या होम्योपैथी लोगों की आस्था की मोहताज है?

किसी भी मरीज या उसके परिवार वालों का हक है कि वो जानें कि इलाज क्या चल रहा है. जो दवा उसे दी जा रही है उसका नाम क्या है. उस दवा का उस पर क्या असर पड़ेगा. क्या उस दवा का कोई साइड इफेक्ट भी है?


चाहनेवालों को बहुत बहुत धन्यवाद और डॉक्टर हैनिमन को बधाई!

बहुत लोगों ने अपनी परेशानी भी शेयर की है – और उसके लिए दवा पूछी है. कई लोगों का तो यहां तक कहना है कि वो इलाज कराते कराते परेशान हो गये हैं और थक चुके हैं. हमारे लिए ये बात बहुत महत्वपूर्ण है. हमारी कोशिश है कि हम जल्द से जल्द उनकी मदद के लिए कुछ उपाय कर सकें.

कांटा चुभने पर गूगल की तरह खोज निकालती है साइलिसिया

मान लीजिए किसी को शरीर के किसी अंग में कांटा चुभ जाए. उसे निकालने की कोशिश की जाए और वो बाहर निकलने की बजाए और अंदर चला जाए. इतना अंदर की बगैर सर्जरी के उसे बाहर निकालना मुनासिब न हो.



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