August 2017
M T W T F S S
« May    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031  

Posts for Tag : रिसर्च

homoeopathic hindi boooks

हिंदी में होम्योपैथी को समझने के लिए ये 2 किताबें पर्याप्त हैं

यहां हम सिर्फ दो किताबों का जिक्र करेंगे. ये दोनों ही किताबें होम्योपैथी के फंडामेंटल को समझाती हैं और प्रामाणिक ग्रंथ भी हैं. इनमें से एक तो खुद होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमन ने लिखा है – और दूसरी होम्योपैथी के अपने जमाने के बहुत बड़े एक्सपर्ट एच सी एलन ने.

aconite nap

बीमारियों के खिलाफ होम्योपैथी का FIR है एकोनाइट

मशहूर होम्योपैथ एच सी एलेन लिखते हैं – रोगी को पक्का यकीन हो जाता है कि उसकी बीमारी जानलेवा साबित होगी. अपनी मौत की तारीख तक की भविष्यवाणी कर देता है.


homoeopathic books

होम्योपैथी को समझना चाहते हैं तो ये 5 किताबें जरूर पढ़ें

अगर आप होम्योपैथी का अध्ययन करना चाहते हैं तो हैनिमन कैफे की सलाह है कि वे किताबें पढ़ें जिनमें प्रामाणिक जानकारी हो. होम्योपैथी के आविष्कारक डॉ. सैमुअल हैनिमन के अलावा भी कई एक्सपर्ट ने ऐसी किताबें लिखी हैं.


केस स्टडी: जल जाने पर इलाज के लिए Urtica Urens से बेहतर कोई दवा नहीं

एक शाम की बात है. सुलभा घर पर अकेली थीं. उन्होंने चाय बनाई और टीवी के सामने सोफे पर जहां वो हमेशा बैठा करतीं, बैठ गईं. कप साफ नहीं थे इसलिए उस दिन चाय उन्होंने प्लास्टिक के डिस्पोजेबल ग्लास में ली थी. जैसे ही चाय पीने को हुईं पूरा ग्लास पलट कर उनके ऊपर गिर गया. चाय बहुत ही गर्म थी.

CHINA

ये 5 दवाएं शरीर में Calcium और Vitamin D3 की कमी को पूरा कर देंगी

हैनिमन कैफे के कंसल्टैंट होम्योपैथ के अनुसार इन चारों दवाओं का मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर लिया जा सकता है. दो-तीन हफ्ते लेने के बाद जांच से स्थिति का पता करने के बाद जरूरत के हिसाब से इसे जारी रखा जाए या नहीं इसका फैसला किया जा सकता है.

ऐसे करें अपने लिए एक अच्छे होम्योपैथिक डॉक्टर की तलाश

क्वालिफाइड क्यों?
अगर नहीं तो क्या आप किसी भी ऐरे गैरे से अपनी आंख या किसी और अंग की सर्जरी करा लेंगे? नहीं ना. अगर नहीं तो फिर ऐसे ही किसी शौकिया व्यक्ति से दवा क्यों लेना चाहिये?
क्वालिफाइड से मतलब है कि उसने होम्योपैथिक इलाज की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली हो. उसे पता हो कि शरीर में कौन अंग कहां है –

काले घने और सुंदर बालों के लिए मीठी गोलियों की चार खुराक काफी है

अब अगर किसी वजह से बाल गिरने लगें या कम उम्र में ही सफेद हो जाएं तो उपचार जरूरी हो जाता है. सबको यही सलाह है कि कलर करने या कोई अन्य उपाय करने से पहले किसी क्वालिफाइड होम्योपैथ से जरूर संपर्क करें.


संभावित दवाएं
+ Lycopodium और Acid Phos –

आखिर होम्योपैथी को ज्योतिष और तंत्र-मंत्र जैसा ट्रीटमेंट क्यों मिलता है?

क्या कभी सुना है कि मॉडर्न मेडिसिन देते वक्त कोई डॉक्टर पैरासिटामॉल देने के बाद भी कहे कि इससे बुखार उतर सकता है. या इसे लेने के बाद बुखार उतरने की पूरी संभावना है. नहीं, वो साफ तौर पर कहता है कि इससे बुखार उतर जाएगा.


faq homoeopathy

FAQ – 008 : क्या एलोपैथिक दवाओं (Modern Medicines) के साथ होम्योपैथिक दवाएं ली जा सकती हैं?

हैनिमन के सिद्धांतों के अनुसार एक मरीज के लिए सिर्फ एक दवा ही बेस्ट होती है, बल्कि कहें तो सही होती है. ये बात पोटेंसी फॉर्म की दवाओं पर ही लागू होती है क्योंकि कई मदर टिंक्चर एक साथ मिला कर भी दिये जा सकते हैं.


FAQ – 007 : होम्योपैथिक दवाइयां जड़ी-बूटियों से ही बनती हैं या केमिकल से भी?

होम्योपैथिक दवाओं के सोर्स भी बड़े दिलचस्प हैं. इनके स्रोत पेड़-पौधे और केमिकल तो हैं ही, ये दवाएं सांप के विष से लेकर टीबी के मवाद तक से बनाई जाती हैं.


Belladonna and Sulphur

हर चीज की तरह होम्योपैथी को भी अपनी हद है, अपनी ही थ्योरी के कारण

होम्योपैथी की खोज जिस समानता की थ्योरी पर हुई उसकी कुछ अपनी सीमाएं हैं. इसके तहत होम्योपैथिक रेमेडीज रोगी के शरीर में एक छद्म रोग की अवस्था (जब रोग बढ़ा हुआ या घटा हुआ प्रतीत होता है) पैदा कर देती है जिसके प्रभाव से असल रोग का प्रभाव खत्म हो जाता है. कुछ देर बाद छद्म रोग की अवस्था भी खत्म हो जाती है –

चाहनेवालों को बहुत बहुत धन्यवाद और डॉक्टर हैनिमन को बधाई!

बहुत लोगों ने अपनी परेशानी भी शेयर की है – और उसके लिए दवा पूछी है. कई लोगों का तो यहां तक कहना है कि वो इलाज कराते कराते परेशान हो गये हैं और थक चुके हैं. हमारे लिए ये बात बहुत महत्वपूर्ण है. हमारी कोशिश है कि हम जल्द से जल्द उनकी मदद के लिए कुछ उपाय कर सकें.

कांटा चुभने पर गूगल की तरह खोज निकालती है साइलिसिया

मान लीजिए किसी को शरीर के किसी अंग में कांटा चुभ जाए. उसे निकालने की कोशिश की जाए और वो बाहर निकलने की बजाए और अंदर चला जाए. इतना अंदर की बगैर सर्जरी के उसे बाहर निकालना मुनासिब न हो.


faq homoeopathy

FAQ – 004 : होम्योपैथिक दवाओं की एक बार में कितनी गोलियां लेनी चाहिए?

कितनी गोलियां लेना है ये तो मेडिकल स्टोर वाले से भी पूछा जा सकता है, लेकिन दवा की दूसरी बार और उसके बाद कब लेनी है इसमें तो डॉक्टर की ही सलाह माननी चाहिए.


जब दाग अच्छे हो सकते हैं तो होम्योपैथी से क्यों दिक्कत है?

अगर दाग लगने से कुछ अच्छा हो तो – किसी को दिक्कत क्या है? ‘दाग अच्छे हैं’ – कहने में बुराई क्या है? भले ही ये एक प्रोडक्ट बेचने के लिए स्लोगन हो, लेकिन बात में तो वाकई दम है. इस दुनिया में तो कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें आवश्यक बुराई मानते हुए भी खुले मन से स्वीकार किया जाता है.


%d bloggers like this: